जय हिन्द पर इतनी लफ्फाजी?

September 20, 2019

आम तौर पर इस तरह की लफ्फाजी और अतार्किक भाषणों पर कुछ नहीं कहना चाहिए। पर एक मित्र ने मुझे सोचने समझने वाले लोगों के एक समूह में शामिल कर लिया। जब इस तरह की चीज को वहाँ भी सराहना मिलते देखा तो लगा दूसरे पक्ष की बात भी करनी चाहिए। दूसरा कारण यह कि, मेरे मन में बहुत दिन से है कि यदि कुछ विचारों को स्पष्ट रूप से गलत और जवाब के लायक न समझ कर छोड़ देते हैं तो उन्हें सही मान लिया जाता है बहुत लोगों द्वारा। और वे अबाध प्रचारित होते रहते हैं। बस इसी लिए नीचे कुछ लिखा है।

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Jai hind par itanii laffaji